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गढ़वा में बैंक सखी महिलाओं को प्रशिक्षण, स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर कदम

सुनील कुशवाहा की रिपोर्ट

गढ़वा : आज ग्रामीण रोजगार प्रशिक्षण संस्थान, गढ़वा के सौजन्य से जेएसएलपीएस (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी) से जुड़ी बैंक सखी महिलाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार, पशुपालन और समूह आधारित कार्यों से जोड़कर आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना था

कार्यक्रम में प्रशिक्षकों द्वारा महिलाओं को मुर्गी पालन, गाय पालन, बकरी पालन सहित अन्य प्रकार के पशुपालन से जुड़े विषयों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही उन्हें यह भी बताया गया कि किस प्रकार समूह में संगठित होकर कार्य करने से जोखिम कम होता है और आमदनी अधिक होती है। महिलाओं को प्रेरित किया गया कि वे प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त ज्ञान को अपने दैनिक जीवन में उतारें और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाएं।

इस अवसर पर जिला परिषद अध्यक्ष गढ़वा, शांति देवी ने कार्यक्रम में शिरकत की और महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में महिलाएं समूह के माध्यम से स्वरोजगार कर रही हैं और विभिन्न प्रकार के कारोबार में अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार सुखी और सम्पन्न हो रहे हैं बल्कि समाज में महिलाओं की पहचान भी मजबूत हो रही है।

शांति देवी ने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए इस तरह के प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं क्योंकि इससे वे घर की चारदीवारी तक सीमित न रहकर समाज में अपनी भूमिका को और प्रभावशाली बना पाती हैं। उन्होंने बताया कि जब महिलाएं एकजुट होकर किसी कार्य को करती हैं तो वे न केवल आर्थिक रूप से मजबूत होती हैं बल्कि परिवार और समाज में भी सकारात्मक बदलाव लाती हैं।कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्हें यह बताया गया कि मुर्गी पालन, बकरी पालन और दुग्ध उत्पादन जैसे कार्यों में कम लागत में अधिक लाभ कमाया जा सकता है। इसके अलावा उन्हें यह भी जानकारी दी गई कि सरकार और जेएसएलपीएस की ओर से ऐसे कई कार्यक्रम और योजनाएं चलाए जा रही हैं जिनका लाभ लेकर महिलाएं अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकती हैं।इस मौके पर समाजसेवी और गरीब परिवारों के सहयोगी अजय टाइगर भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं यदि स्वरोजगार को अपनाएंगी तो पलायन की समस्या कम होगी और गांव का विकास तेज़ी से होगा।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बैंक सखी महिलाएं उपस्थित थीं। सभी ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे प्रशिक्षण से मिली सीख को आगे बढ़ाएंगी और अपने जीवन स्तर को सुधारने के लिए उसका उपयोग करेंगी।अंत में संस्थान की ओर से धन्यवाद ज्ञापन किया गया और यह आश्वासन दिया गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य में भी लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को इसका लाभ मिल सके।

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