सुनील कुशवाहा की रिपोर्ट
गढ़वा जिले से एक प्रेरणादायी खबर जहां समाज के सबसे वंचित वर्गों तक एक संस्था ने पहुँच बनाई है—उन्हें जागरूक करने, जोड़ने और जीवन में उजाला भरने के लिए। और ये पहल किसी सरकारी अभियान की नहीं—बल्कि समाज की ही एक पहल है। आइए जानते हैं पूरी खबर।”

गढ़वा—गुरुवार का दिन… और गढ़वा सदर प्रखंड के भदुआ और तुलबुला गाँव!यहाँ पहुँची जानकी सामूहिक विवाह फाउंडेशन की टीम।उद्देश्य?आदिम जनजाति कोरवा-परहिया समुदाय के लोगों तक जागरूकता पहुँचाना।संस्था के सचिव रितेश तिवारी उर्फ महाकाल तिवारी ने सीधे जाकर महिलाओं, युवाओं और अभिभावकों से मुलाक़ात की।उन्होंने न केवल बाल विवाह और भ्रूण हत्या के खिलाफ आवाज़ उठाई बल्कि आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों की बेटियों की शादी करवाने के लिए फाउंडेशन के माध्यम से बड़े स्तर पर मदद सुनिश्चित की।

“हमारा मकसद है—हर बेटी सम्मान से सात फेरे ले।हमारा संगठन न सिर्फ विरोध करता है… बल्कि समाधान भी लेकर आया है।आगामी फ़रवरी में बाबा खोहरनाथ मंदिर के प्रांगण में 21 बेटियों का सामूहिक विवाह संपन्न कराया जाएगा…”




